Jhunjhunu Update
झुंझुनू अपडेट - पढ़ें भारत और दुनिया के ताजा हिंदी समाचार, बॉलीवुड, मनोरंजन और खेल जगत के रोचक समाचार. ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर ताज़ा ख़बरें. Read latest News in Hindi.

जाखड़ों का बास पहुंचा प्रशासन, पुलिसकर्मियों ने खुद उखाड़ा टैंट, किया जब्त

महिलाएं करती रही विरोध, तिरंगे के अपमान का भी आरोप

झुंझुनूं, 24 जनवरी। समीपवर्ती जाखड़ों का बास में सोमवार को एक बार फिर प्रशासन और पुलिस दल—बल के साथ पहुंचा और विकास जाखड़ के अनशन स्थल पर पुलिसकर्मियों ने खुद ही टैंट उखाड़कर जब्त कर लिया। इससे पहले शौर्य चक्र धारी विकास जाखड़ की मांगों को समर्थन देते हुए आमरण अनशन पर बैठे दो व्यक्तियों को जिला प्रशासन ने राजकीय बीडीके अस्पताल में भर्ती कराया है। झुंझुनूं एसडीएम शैलेश खैरवा ने बताया कि जिला कलेक्टर लक्ष्मण सिंह कुड़ी के निर्देश पर आमरण अनशन पर बैठे व्यक्तियों सवाई माधोपुर की सोनू तथा सीकर के सुमित का मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। मेडिकल टीम ने तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता बताई। जिस पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों व्यक्तियों को बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं मौके पर प्रशासन को बिना पूर्व सूचना दिए चल रहे भजन कीर्तन में राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से टेंट को जब्त किया और लोगों को वहां से हटाते हुए कोरोना गाईडलाइन की पालना करने की अपील की गई। आपको बता दें कि जाखड़ों का बास में अनशन के पांचवें दिन हालत गंभीर होने पर विकास जाखड़ को भी प्रशासन ने बीडीके अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। जिसके बाद सवाई माधोपुर की सोनू तथा सीकर के सुमित ने अनशन शुरू कर दिया था। सुमित को सोमवार को अनशन का चौथा दिन तथा सोनू को तीसरा दिन था। इधर, इस कार्रवाई का विरोध कर रहे एक युवक को भी पुलिस अपने साथ ले गई। मौके पर महिलाओं ने पुलिस से जमकर बहसबाजी की। जब पुलिसकर्मी अनशन स्थल से टैंट उखाड़ रहे थे तो बैनर के उपर लगा तिरंगा भी टेढा हो गया। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे तिरंगे का अपमान बता रहे है।
अंग्रेजों की तरह क्रूर हो गई है सरकार : विकास जाखड़
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में भर्ती विकास जाखड़ का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि बड़े ही क्रूर तरीके से आंदोलन का दमन किया गया है। महिलाओं के साथ बदतमीजी की गई है। मेरे साथ प्रशासन ने जो किया वो किया। बच्चों के साथ जो किया वो किया। लेकिन अब इन्होंने तिरंगे को भी नहीं छोड़ा। तिरंगे का भी अपमान किया है। ऐसा लग रहा है कि 150—200 साल पहले का जीना जी रहे है। अंग्रेजों की तरह सरकार दमन कर रही है। मैं पूछना चाहता हूं कि सरकार भर्तियों में घोटाले क्यों कर रही है। इनके पीछे सरकार का क्या हित छिपा है। सरकार दमनकारी नीति पर आमदा है। तानाशाह बनी हुई है। तानाशाह तरीके से आंदोलन को कुचलना चाहती है। लेकिन हम अपनी आवाज और बुलंद करेंगे। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया है कि 26 जनवरी को पूरे प्रदेश में गांव—गांव, ढाणी—ढाणी में प्रदर्शन करें। रैली निकाली और इस मुहिम को ताकत दें। इससे पहले दिन में भी बीडीके अस्पताल में प्रेस वार्ता कर विकास जाखड़ ने 26 जनवरी के प्रदर्शन को लेकर बात कही थी।
अनशनकारी विकास के समर्थन में उदयपुरवाटी में प्रदर्शन
राज्य सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा इस्तीफा दो, जवाब दो के लगे नारे
उदयपुरवाटी। राजस्थान प्रदेश में रीट परीक्षा 2021 के पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितताएं तथा राज्य की परीक्षाओं में हो रही धांधलियों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर सैंकड़ों की संख्या में युवाओं ने जयंत मूंड के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए उपखंड मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के नाम का ज्ञापन सौंपकर मांग की गई। मरु सेना के प्रदेशाध्यक्ष जयंत मूंड ने राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि जिले में सैनिकों के कल्याण के लिए ऐसे नेता मंत्री बन गए जो सिर्फ सैनिकों की शहादतें चाहते है और जातीय जहर घोलकर युवाओं को अपराधी बनाना चाहते है। युवाओं के हकों के लिए पिछले आठ दिन से शौर्य चक्र विजेता विकास जाखड़ विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे है। लेकिन सरकार के कोई भी अधिकारी व क्षेत्रीय नेता इस मामले में कोई बयान नहीं दे रहे। जो सैनिकों के प्रदेश के लिए शर्मनाक है। झुंझुनूं जिले में करीबन 65 हजार पूर्व सैनिक है। तो वर्तमान में 70 हजार से अधिक नौजवान सेना में सेवा दे रहे है। झुंझुनूं ज़िला भारत का वो जिला है। जहां के हर गांव ने देश के लिए शहादतें दी है और 136 से अधिक वीरता पुरस्कार जिले के नाम दर्ज है। राजस्थान में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे है। जमकर परीक्षाओं में धांधलियां हो रही है। रीट परीक्षा 2021, एएसआई भर्ती, पटवार भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी, कॉलेज लेक्चर, आरएएस परीक्षा समेत अनेकों परीक्षाओं में पेपर आउट हुए है। समय से पूर्व पेपर बाहर आना, डमी अभ्यर्थियों के बैठने से तथा धांधली से प्रदेश के लाखों युवाओं के सपनों के साथ धोखा हुआ है। सरकार के द्वारा प्रशासनिक सेवाओं के विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेपर आउट में संलिप्त मानते हुए निलंबित और गिरफ्तार किया जाए। राजू जाखल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द विकास जाखड़ की मांगे मानी जाए। पेपर व नकल माफियाओं के खिलाफ कड़े कानून बने। सीबीआई से इन मामलों की जांच की जाए और बेरोजगारों के साथ न्याय करें। अन्यथा आने वाले दिनों में सड़कों पर बेरोजगारों से सामना करने को तैयार रहे। इस दौरान प्रदर्शन में एनसीसी कैडेट पायल, पार्षद तेजस छींपा, पार्षद दिनेश सैनी, पार्षद घनश्याम स्वामी, एडवोकेट अरविंद सैनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज नारनोलिया, पूर्व छात्रनेता अंकित ओलखा, प्रदीप ओलखा, पंकज बराला, अनिल सैनी, राकेश सैनी, कमलेश कुमार, मुकेश जाट बीदासर, मनोज लाम्बा, धोलू सुरेहती, बबलू पंडित, अनिल जाखड़ धमोरा सहित अनेकों नौजवान मौजूद रहे।
शौर्य चक्र प्राप्त विकास जाखड़ के समर्थन में ज्ञापन
रीट सहित विभिन्न भर्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए 17 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे शौर्य चक्र प्राप्त विकास जाखड़ को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। सोमवार को झुंझुनूं में आदर्श जाट महासभा की ओर से जिला कलेक्टर लक्ष्मण सिंह कुड़ी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें रीट सहित विभिन्न भर्तियो में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग की गई। आदर्श जाट महासभा के एडवोकेट रविन्द्र लाम्बा ने बताया कि विकास जाखड़ ने बेरोजगारों के लिए जो उम्मीद की एक चिंगारी जगाई है। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए रीट सहित अन्य भर्तियों को लेकर सीबीआई जांच करवानी चाहिए। महासभा की ओर से चेतावनी देते हुए कहा गया कि सरकार 1 फरवरी तक इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो प्रदेशभर में युवाओं द्वारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आपको बता दें कि शौर्य चक्र प्राप्त जाखड़ रीट भर्ती सहित अन्य भर्तियो की जांच की मांग को लेकर 17 जनवरी से अपने पैतृक गांव जाखड़ों का बास में आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन के पांचवें दिन डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। उसके बाद उन्होंने ट्वीट कर अस्पताल से अनशन जारी रखने की जानकारी दी थी। सोमवार को उनके अनशन का आठवां दिन है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy